हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अंजुमन शरई शियाने जम्मू कश्मीर के तत्वाधान मे रमजान के अंतिम शुक्रवार और वैश्विक कुद्स दिवस के अवसर पर कशमीर की घाटी के विभिन्न क्षेत्रो मे बड़े इज्तेमाआत, जुमा की नमाज और जुलूस का आयोजन हुआ। इन इज्तेमाआत और रैलीयो मे हज़ारो लोगो ने भाग लेकर फ़िलिस्तीन के मजलूम जनता के साथ एकजुटता व्यक्त की, अमेरिका और इजरायल की आक्रमकात पूर्ण और उपनेविशवाद के खिलाफ भरपूर विरोध दर्ज किया और इस अवसर पर सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सय्यद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनई के साथ अपनी बैअत और वफादारी का नवीनीकरण की भी घोषणा की।
इस संदर्भ मे बडगाम, हुसैनाबाद, श्रीनगर, यागीपुरा मागाम, चाडूरा, सठसू कलां, नौगाम सोनावारी, सौना पाह बैरवेह, अंदरकोट मसबल, छतर गाम, सूफी पूरा पहलगाम और वखरून पुलवामा सहित विभिन्न स्थानो पर कुद्स रैली निकाली गई। जिनमे जनता की भारी सखंया ने हिस्सा लिया। जुमा तुल विदा का सबसे बड़ा जुलूस मरकज़ी इमाम बारगाह बड़गाम मे आयोजित हुआ जहा अंजुमन शरई शियान जम्मू कशमीर के अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम हसन वल मुस्लेमीन आग़ा हसन मूसवी के नेतृत्व मे हज़ारो फ़रजंदाने तौहीद ने नमाज़ जुमा अदा की।
जुमा की नमाज के बाद उनके नेतृत्व मे एक बड़ी कुद्स रैली निकाली गई जो ओल्ड बस स्टेैंड बडगाम तक पहुंची जहा अपने संबोधन मे आगा हसन ने कहा कि जुम्आतुल विदा केवल एक धार्मिक दिन नही बल्कि उम्मत मुस्लेमा की एकता, जागरुकता और मजलूमो के समर्थन के इरादे और नवीकरण का दिन है।
उन्होने कहा कि इस्लामी क्रांति के संस्थापक इमाम खुमैनी ने वैश्विक कुदस दिवस की घोषणा करके वास्तव मे पूरी इस्लामी उम्मत को यह संदेश दिया कि फ़िलिस्तीन की आजादी और बैतुल मुकद्दस की वापसी मुस्लमानो की साझा ज़िम्मेदारी है। उन्होने वर्तमान वैश्विक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि आज इस्लामी गणराज्य ईरान अमेरिका और इजरायल की साझा बर्बरियत के सामने जिस दृढ़ता और साहस के साथ खड़ा है वह पूरी इस्लामी उम्मत के लिए गर्व की बात है।
उन्होने कहा कि ईरान की सबसे बड़ी शक्ति उसकी जनता है और ईरानी जनता का भूरपूर समर्थन ने मौजूदा इस्लामी प्रणाली को नाकाबिले तस्खीर बना दिया है। उन्होने ईरानी जनता की गै़र मुताज़लज़िल और क्रांतिकारी चेतना ने अमेरिका और इजरायल की सभी साजिशो और अपवित्र योजनाओ का असफल बना दिया है।
आगा सय्यद हसन ने कहा कि आयतुल्लाह सय्यद मुज्तबा ख़ामेनई को इस्लामी गणराज्य ईरान के तीसरे सर्वोच्च नेता के रूप मे च्यन वास्तव मे इस्लामी क्रांति की निरंतरता, विलायत की प्रणाली की शक्ति और उम्मत इस्लामी की राजनीतिक अंतर्दृष्टि का स्पष्ट मज़हर है। उन्होने कहा कि इस अवसर पर आयतुल्लाह सय्यद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनई के नेतृत्व पर पूर्ण भरोसा व्यक्त करते हुए उनके साथ अपनी बैअत वफ़ादारी का घोषणा की और कहा कि कशमीर के शिया हमेशा विलायत प्रणाली के साथ अपनी संबंधता को गर्व का कारण समझते है। उन्होने आशा व्यक्त की इंशाल्लाह ईरान इस मैदान हक और बातिल मे सुर्खरूह होगा और उपनिवेशवाद के नापाक इरादो को पराजित करेगा।
उन्होने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने हमेशा इस्लामी जगत मे फ़ितना, युद्ध और षडयंत्रो को हवा दी है और यही शक्तिया क्षेत्र मे अशांति और तनाव की असल जड़ है। आगा मुज्तबा अब्बास ने कहा कि जब तक इजरायल का अवैध अस्तित्व बाकी रहेगा तब तक इस्लामी जगत को बहुत से मुद्दो का सामना करने पड़ेगा उनका समापन संभव नही होगा।
अपने संबोधन के समापन पर आगा मुज्तबा अब्बास मूसवी ने घोषणा की कि कशमीर के शिया वली फ़कीह आयतुल्लाह सय्यद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनई के साथ अपनी बैअत और वफादारी के वादा का नवीकरण करते है और यह वादा करते है कि वह विलायत और मरजेईयत की प्रणाली के साथ अपनी एकजुटता को मज़बूत बनाते हुए मजलूम जनता विशेषकर फ़िलिस्तीनी की आज़ादी और उपनिवेशवादी शक्तियो के खिलाफ जिद्दो जहद मे हमेशा आवाज़ उठाते रहेंगे।








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